ताड़ासन को समस्थिति भी कहा जाता है। ताड़ शब्द का अर्थ संस्कृत में पर्वत होता है, जिसके ऊपर इस आसन का नाम रखा गया है। ताड़ासन योग का एक मूलभूत आसन है क्योंकि यह आसन अनेक आसनों का आधार है।
इस लेख में ताड़ासन के आसन को करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों ंके बारे में बताया गया है। साथ में यह भी बताया गया है कि आसन करने के दौरान क्या सावधानी बरतें। लेख के अंत में ताड़ासन से संबंधित एक वीडियो भी शेयर किया गया है।

ताड़ासन करने का तरीका इस प्रकार है:
- दोनो पंजों को मिलाकर या उनके बीच 10 सेंटीमीटर की जगह छोड़ कर खड़े हो जायें, और बाज़ुओं को बगल में रखें।
- शरीर को स्थिर करें और शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान रूप से वितरित करें।
- भुजाओं को सिर के उपर उठाएं। …
- सिर के स्तर से थोड़ा ऊपर दीवार पर एक बिंदु पर आँखें टीका करें रखें।
ताड़ासन के फायदे (Benefits of Mountain Pose)
1 पीठ की दर्द से राहत अगर आपको पीठ के दर्द की शिकायत रहती है तो यह आसन आपके लिए बहुत लाभकारी है। …
2 पोस्चर में सुधार होता है
3 लंबाई बढ़ाने में मदद …
4 मानसिक जागरूकता बढ़ती है …
5 घुटनों के दर्द से राहत …
6 संतुलन बनाने में मदद
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